सम्मोहन: diferenças entre revisões

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'''सम्मोहन''' (Hypnosis) एक मानसिक अवस्था हो जिसमा व्यक्तिको ध्यान केन्द्रित, सुझावशीलता बढी र कल्पनाशीलता सक्रिय हुन्छ। यो एक प्रकारको चिकित्सीय उपकरणको रूपमा प्रयोग गरिन्छ जहाँ सम्मोहनकर्ताले (हिप्नोटिस्ट) विशेष सुझावहरू दिएर व्यक्तिको सोचाई, भावना, संवेदना वा व्यवहारमा परिवर्तन ल्याउन सक्छन। यसलाई नेपाली भाषामा '''सम्मोहन''' वा '''मनोनिग्रह''' भनिन्छ।
'''हिप्नोसिस''' (सम्मोहन) एक मानसिक अवस्था होवै सै जिसमें व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ी हुई, सुझावशीलता बढ़ी हुई आरू कल्पना सक्रिय रहै सै। इ एक थेरेपी आरू शोध का विधि होवै सै, जेकै उपयोग आदत सुधारण, दर्द प्रबंधन, चिंता कम करण आरू मानसिक स्वास्थ्य केरा विभिन्न पहलूँ सुधारण मां कियो जावै सै। भारत मां, इ विधि प्राचीन ध्यान आरू तपस्या केरा परंपरा सां जुड़ी हुई सै आरू आधुनिक समय मां एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति केरा रूप मां मान्यता प्राप्त करी रही सै।


== परिभाषा ==
== परिभाषा ==
'''सम्मोहन''' एक प्राकृतिक र सामान्य मानसिक प्रक्रिया हो जसमा व्यक्ति आफैंले वा अर्काको मार्गदर्शनमा गहिरो ध्यानको अवस्थामा प्रवेश गर्छ। यो अवस्था निद्रा होइन, बरु एक तरल चेतनाको अवस्था हो जहाँ व्यक्तिको चेतन मन शान्त र आलोचनात्मक सोच कम हुन्छ र अवचेतन मनसँग सिधै काम गर्न सकिन्छ। यस अवस्थामा दिइएका सकारात्मक सुझावहरू व्यक्तिको मनमा गहिरो प्रभाव पार्छन् र दीर्घकालीन परिवर्तन ल्याउन सक्छन्। नेपाली सन्दर्भमा, यसलाई प्रायः आध्यात्मिक अभ्याससँग जोडेर हेरिन्छ तर आधुनिक चिकित्सामा यसको वैज्ञानिक प्रयोग बढ्दो छ।
'''हिप्नोसिस''' एक ऐसी अवस्था सै जेकै '''ट्रान्स''' या सम्मोहित अवस्था कहियो सकै सै। इ नींद या बेहोशी का अवस्था नै सै, बल्कि एक ऐसी जागृत अवस्था सै जिसमें व्यक्ति का ध्यान अंदरूनी अनुभवों पै केंद्रित रहै सै। सम्मोहनकारी (हिप्नोटिस्ट) व्यक्ति का शांत, सुरक्षित महसूस करावै सै आरू विभिन्न मौखिक सुझाव (सजेशन्स) देयो सै जेकै उद्देश्य व्यक्ति का अवचेतन मन सां जोड़ण का होवै सै। इ समय, व्यक्ति का आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल फैकल्टी) कमजोर पड़ी होवै सै आरू वो सकारात्मक बदलाव या नई समझ अपणावै सै। इ बात ध्यान रखणी चाहिए कि सम्मोहित व्यक्ति का अपणा इच्छा या नैतिकता का विरुद्ध कोई काम करावै सै नै सै।


== इतिहास ==
== इतिहास ==
=== विश्व सन्दर्भ ===
=== वैश्विक परिप्रेक्ष्य ===
सम्मोहनको इतिहास प्राचीन छ। प्राचीन मिस्र, ग्रीस र भारतमा पनि 'निद्रा मन्दिर' जस्ता स्थानहरूमा सम्मोहनजस्तै प्रक्रियाद्वारा चिकित्सा गरिन्थ्यो। आधुनिक सम्मोहनको जनक जर्मन चिकित्सक '''फ्रान्ज एन्टन मेस्मर''' (१७३४-१८१५) लाई मानिन्छ, जसले 'पशु चुम्बकत्व' (एनिमल म्याग्नेटिजम) को सिद्धान्त प्रस्तुत गरे। पछि, स्कटिश चिकित्सक '''जेम्स ब्रेड''' (१७९५-१८६०) ले यसलाई वैज्ञानिक आधार दिए र 'हिप्नोसिस' शब्दको प्रयोग गरे, जुन ग्रीक शब्द 'हिप्नोस' (निद्रा) बाट आएको हो। २०औं शताब्दीमा, '''मिल्टन एच. एरिक्सन''' लगायत विद्वानहरूले चिकित्सीय सम्मोहनलाई परिष्कृत र लोकप्रिय बनाए।
सम्मोहन का आधुनिक इतिहास 18वीं सदी का ऑस्ट्रियाई चिकित्सक '''फ्रांज एंटन मेस्मर''' सां शुरू होवै सै, जेकै "पशु चुंबकत्व" (एनिमल मैग्नेटिज्म) का सिद्धांत दियो। हालांकि, उनका विधि का वैज्ञानिक आधार नै मान्यो गयो, पर उनका काम नै हिप्नोसिस का विकास मां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 19वीं सदी मां, स्कॉटिश चिकित्सक '''जेम्स ब्रेड''' नै "हिप्नोसिस" शब्द का प्रयोग कियो आरू इ एक शारीरिक प्रक्रिया बताई। बाद मां, फ्रांस का न्यूरोलॉजिस्ट '''जीन-मार्टिन शार्को''' नै हिस्टीरिया का उपचार मां इका उपयोग कियो, आरू सिगमंड फ्रायड नै शुरुआती दिनों मां इ विधि का अध्ययन कियो अपणी मनोविश्लेषण विधि विकसित करण सां पहिले।


=== नेपाली सन्दर्भ ===
=== भारतीय संदर्भ आरू परंपरा ===
नेपालमा सम्मोहनको अवधारणा नयाँ होइन। सदियौंदेखि यहाँका '''घुमन्ते साधु''', '''ज्ञानी-मानीहरू''' '''तान्त्रिक'''हरूले विभिन्न मन्त्र, जाप र ध्यानको माध्यमबाट मानिसको चित्तलाई केन्द्रित र नियन्त्रण गर्ने प्रयास गर्दै आएका छन्, जसलाई सम्मोहनको एक रूप मान्न सकिन्छ। '''ध्यान''' '''समाधि'''को सनातन परम्परा यससँग नजिकको सम्बन्ध राख्छ। आधुनिक रूपमा, नेपालमा सम्मोहनको अभ्यास २०औं शताब्दीको उत्तरार्धदेखि, विशेष गरी विदेशबाट शिक्षा प्राप्त केही चिकित्सक र मनोवैज्ञानिकहरूद्वारा सुरु भएको हो। २०४० सालपछि काठमाडौंमा यससम्बन्धी कार्यशाला र प्रशिक्षणहरू सुरु भए।
भारत मां, सम्मोहन जैसी अवस्थाओं का वर्णन प्राचीन ग्रंथों मां मिलै सै। '''तपस्या''', '''ध्यान''' (मेडिटेशन) आरू '''समाधि''' का अवस्थाएं सम्मोहन सां मिलती-जुलती एकाग्रता आरू अलtered चेतना का स्तर प्रदर्शित करै सै। भारतीय योग दर्शन मां मन का विभिन्न स्तरों (मन, बुद्धि, अहंकार, चित्त) का वर्णन सै, जे सम्मोहन मां अवचेतन मन सां संवाद करण का सिद्धांत सां मेल खावै सै। 20वीं सदी मां, भारत मां आधुनिक सम्मोहन का विकास स्वामी रामदेव, श्री योगेंद्र जैसे योग गुरुओं का काम सां आरू डॉ. बी. एम. हेगड़े जैसे चिकित्सकों का प्रयासों सां हुआ। आज, '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH)''' आरू '''इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स (IACH)''' जैसी संस्थाएं भारत मां सम्मोहन का प्रशिक्षण आरू प्रचार मां लगी हुई सैं।


== प्रकारहरू ==
== प्रकार ==
सम्मोहनलाई प्रयोगको आधारमा विभिन्न प्रकारमा बाँड्न सकिन्छ:
सम्मोहन का मुख्य रूप से दो प्रकार माने जावै सै:
* '''चिकित्सीय सम्मोहन (थेरेप्युटिक हिप्नोसिस)''': यो मनोचिकित्सा र परामर्शको एक भागको रूपमा प्रयोग हुन्छ। यसद्वारा तनाव, चिन्ता, भी, धूम्रपान छोड्ने, मोटोपन नियन्त्रण, दर्द प्रबन्धन लगायत समस्याहरूको उपचार गरिन्छ।
* '''पारंपरिक सम्मोहन (ऑथरिटेरियन)''': इ मां सम्मोहनकारी प्रत्यक्ष, दृढ़ आदेश देयो सै। इ पुरानी शैली सै आरू अक्सर मंच सम्मोहन (स्टेज हिप्नोसिस) मां देखी सकै सै।
* '''मनोरञ्जनात्मक सम्मोहन (स्टेज हिप्नोसिस)''': यसलाई सार्वजनिक मनोरञ्जनको लागि प्रदर्शन गरिन्छ। नेपालमा पनि विदेशी र स्थानीय कलाकारहरूद्वारा यस्ता कार्यक्रम हुने गरेका छन्।
* '''एरिक्सोनियन सम्मोहन (परमिसिव)''': अमेरिकी मनोचिकित्सक मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित इ शैली मां अप्रत्यक्ष कहानियां, रूपक आरू अनुमति देण वाला भाषा का उपयोग होवै सै। इ अधिक सूक्ष्म आरू आम चिकित्सा मां उपयोगी सै।
* '''स्व-सम्मोहन (सेल्फ-हिप्नोसिस)''': व्यक्तिले आफैंलाई सम्मोहनमा राखेर सकारात्मक सुझाव दिने प्रक्रिया। यसको लागि प्रशिक्षण आवश्यक हुन्छ।
* '''स्व-सम्मोहन (सेल्फ-हिप्नोसिस)''': जब व्यक्ति खुद का सम्मोहित करै सै तनाव प्रबंधन या लक्ष्य हासिल करण सांठी। इ सीखी जा सकै सै आरू एक शक्तिशाली स्व-सहायता उपकरण सै।
* '''एरिक्सनियन सम्मोहन''': मिल्टन एरिक्सनद्वारा विकसित यो विधिमा अनौपचारिक र कथाको माध्यमबाट सुझाव दिइन्छ।
* '''[[प्रतिगमन सम्मोहन]]''': इ विशेष प्रकार का सम्मोहन सै जिसमें व्यक्ति का अतीत का यादों, कभी-कभी बचपन या पिछले जन्मों मां ले जायो जावै सै। इका उपयोग गहरे मनोवैज्ञानिक समस्याओं का मूल कारण ढूंढण सांठी कियो जावै सै, पर इ विवादास्पद सै।
* '''प्रतिगमन सम्मोहन (रिग्रेसन हिप्नोसिस)''': यसद्वारा व्यक्तिलाई अवचेतन मनमा गएर बितेका समयका घटनाहरू, सम्भवतः बाल्यकाल वा पूर्वजन्मका अनुभूतिहरू सम्झन मद्दत गरिन्छ। यसबारे थप जानकारी [[प्रतिगमन सम्मोहन]] लेखमा पाउन सकिन्छ।


== वैज्ञानिक अनुसन्धान ==
== वैज्ञानिक शोध ==
विश्वभरि सम्मोहनको प्रभावकारिता र न्युरोबायोलोजीमा धेरै अनुसन्धान भएका छन्। '''एफएमआरआई''' जस्ता न्युरोइमेजिंग प्रविधिले देखाएको छ कि सम्मोहनको अवस्थामा मस्तिष्कको केही भागहरूको सक्रियता परिवर्तन हुन्छ, विशेष गरी ध्यान र नियन्त्रणसँग सम्बन्धित भागहरूमा। यसले दर्द, चिन्ता र आदतनिर्माण जस्ता प्रक्रियाहरूमा सीधा असर गर्न सक्ने देखिन्छ। '''अमेरिकन साइकोलोजिकल एसोसिएशन''' (एपीए) ले १९५० मा सम्मोहनलाई चिकित्सीय उपकरणको रूपमा मान्यता दिएको हो। नेपालमा यस क्षेत्रमा व्यवस्थित अनुसन्धान अत्यन्त न्यून छ, तर '''त्रिभुवन विश्वविद्यालय''' '''काठमाडौं विश्वविद्यालय'''को मनोविज्ञान विभागहरूमा यसलाई एक विषयको रूपमा पढाइन्छ र केही छात्र अनुसन्धान गर्छन्।
वैज्ञानिक शोध बतावै सै कि सम्मोहन मां मस्तिष्क का कार्य करण का तरीका बदली जावै सै। '''फंक्शनल एमआरआई''' स्कैन सां पता चलै सै कि सम्मोहन का अवस्था मां मस्तिष्क का पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स आरू डिफॉल्ट मोड नेटवर्क सक्रिय होवै सै, जे ध्यान आरू आत्म-चिंतन सां जुड़ा सै। इ नै सिर्फ एक कल्पना नै सै, बल्कि एक वास्तविक तंत्रिका-शारीरिक अवस्था सै। भारत मां, '''अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)''' दिल्ली, '''राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS)''' बंगलुरू आरू '''पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER)''' चंडीगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों मां सम्मोहन का चिकित्सीय प्रभाव पर शोध होवै रहो सै, खासकर दर्द प्रबंधन, धूम्रपान छुड़ावै आरू चिंता विकारों मां।


== प्रयोगहरू ==
== अनुप्रयोग ==
नेपाल र विश्वमा सम्मोहनको प्रयोग निम्न क्षेत्रहरूमा हुन्छ:
सम्मोहन का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों मां होवै सै:
* '''मानसिक स्वास्थ्य''': अवसाद, पोस्ट-ट्राउमाटिक स्ट्रेस डिसअर्डर (पीटीएसडी), फोबिया, तनाव प्रबन्धनमा।
* '''चिकित्सा क्षेत्र''': दंत चिकित्सा मां दर्द कम करण, शल्य चिकित्सा (सर्जरी) का समय दर्द आरू चिंता नियंत्रण, पुराने दर्द का प्रबंधन, साइकोसोमैटिक विकारों (जैसे अस्थमा, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम) का उपचार।
* '''चिकित्सा''': क्यान्सर र अन्य दीर्घरोगका रोगीहरूको दर्द र चिन्ता कम गर्न, शल्यक्रिया पश्चात् निको हुन सहयोग गर्न।
* '''मनोचिकित्सा''': फोबिया, तनाव, अवसाद, PTSD, नींद संबंधी विकार, वजन प्रबंधन, धूम्रपान आरू शराब जैसी लतों सां मुक्ति।
* '''व्यसन मुक्ति''': धूम्रपान, मद्यपान, अन्य नशा छुटाउनमा।
* '''खेल मनोविज्ञान''': खिलाड़ियों का प्रदर्शन बढ़ावै, एकाग्रता सुधारै आरू आत्मविश्वास बढ़ावै सांठी।
* '''शैक्षिक उन्नति''': एकाग्रता बढाउन, परीक्षाको तनाव कम गर्न, सिक्ने क्षमता विकास गर्न।
* '''शिक्षा''' आरू '''करियर''': याददाश्त बढ़ावै, परीक्षा का तनाव कम करण, सीखण की क्षमता बढ़ावै।
* '''खेलकुद''': खेलाडीहरूको प्रदर्शन, आत्मविश्वास र मानसिक तयारी बढाउन।
* '''व्यक्तिगत विकास''': आत्म-सम्मान बढ़ावै, रचनात्मकता बढ़ावै, बुरी आदतों सां छुटकारो पावै।
* '''व्यक्तिगत विकास''': आत्म-सम्मान बढाउन, नकारात्मक सोच परिवर्तन गर्न, लक्ष्य निर्धारणमा।


== नेपालमा कानूनी स्थिति ==
== भारत मां कानूनी स्थिति ==
नेपालमा सम्मोहनको कानूनी स्थिति स्पष्ट रूपमा परिभाषित छैन। '''नेपाल मेडिकल काउन्सिल''' ले सम्मोहनलाई चिकित्सा पेशा भएका (एमबीबीएस, मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक) लाई मात्र प्रयोग गर्न अनुमति दिन्छ। बिना चिकित्सकीय योग्यताको सम्मोहन अभ्यास गर्नु कानूनी रूपमा जोखिमपूर्ण हुन सक्छ र यसलाई '''छली''' वा अनैतिक व्यवसायको रूपमा हेरिन सक्छ। '''नेपाल सरकार'''को स्वास्थ्य मन्त्रालयले यस सम्बन्धमा विशेष नीति बनाएको छैन। तसर्थ, सम्मोहन चिकित्सा गर्ने व्यक्तिको योग्यता र प्रमाणीकरणको प्रश्न महत्त्वपूर्ण रहन्छ। केही संस्थाहरूले प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम चलाउँदा पनि ती सबै सरकारी मान्यता प्राप्त छैनन्।
भारत मां, सम्मोहन का कोई एक केंद्रीय कानून नै सै। इका अभ्यास '''भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI)''' का नैयमों सां जुड़ा सै। सामान्य नैयम इ सै:
* केवल '''पंजीकृत चिकित्सक''' (एमबीबीएस डॉक्टर) या '''पंजीकृत मनोवैज्ञानिक''' ही चिकित्सीय सम्मोहन का अभ्यास करी सकै सै। बिना चिकित्सा योग्यता का व्यक्ति द्वारा सम्मोहन का अभ्यास गलत अभ्यास (मालप्रैक्टिस) मां आ सकै सै आरू कानूनी कार्रवाई का कारण बण सकै सै।
* '''मंच सम्मोहन''' (मनोरंजन सांठी) कानूनी सै, पर इमां शारीरिक नुकसान या अपमानजनक हरकत नै करावै जा सकै। कुछ राज्यों मां स्थानीय पुलिस अनुमति लेणी पड़ै सै।
* '''[[प्रतिगमन सम्मोहन]]''' विशेष रूप सां संवेदनशील सै। कई पेशेवर संगठन इका अभ्यास सांठी सख्त दिशा-निर्देश बणावै सै, क्योंकि झूठी यादें बणावै का खतरो रहै सै।
* '''भारतीय दंड संहिता (IPC)''' का धारा 176 (ओझा-गुणी का काम) जैसे प्रावधान अगर कोई नुकसान होवै तो लागू हो सकै सै।


== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
नेपाली समाजमा सम्मोहनप्रति दुईवटा प्रमुख दृष्टिकोण छन्। एकतर्फ, यसलाई '''अध्यात्म, योग र तन्त्र'''सँग जोडेर हेरिन्छ र यसको प्राचीन इतिहासमा विश्वास गरिन्छ। अर्कोतर्फ, आधुनिक नेपाली समाजमा, विशेष गरी शहरी क्षेत्रमा, यसलाई एक '''वैज्ञानिक चिकित्सा विधि'''को रूपमा स्वीकार्ने प्रवृत्ति बढ्दै गएको छ। तरै पनि, ग्रामीण क्षेत्रहरूमा यसलाई '''जादु-टोना''' वा अलौकिक शक्तिसँग गलत ढंगले जोडेर हेर्ने र भ्रम फैलाउने चलन छ। धेरै मानिसहरूले सम्मोहनलाई '''मानसिक नियन्त्रण''' गर्ने खतरनाक हतियारको रूपमा पनि हेर्छन्, जसकारण सावधानी र जागरूकताको आवश्यकता रहन्छ। मिडिया (टिभी, रेडियो) मा प्रसारित केही कार्यक्रमहरूले यसप्रति जिज्ञासा बढाएका छन्।
भारतीय समाज मां सम्मोहन का प्रति दृष्टिकोण मिला-जुला सै। एक ओर, इका प्राचीन आध्यात्मिक प्रथाओं सां जोड़कै देखो जावै सै आरू एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति केरा रूप मां स्वीकार कियो जा रहो सै। दूसरी ओर, अंधविश्वास आरू गलतफहमी का कारण सां लोग इका शक की नजर सां देखै सै। टीवी शोज, फिल्मों (जैसे "हिप्नोटिक" या पुरानी फिल्म "नगीना") मां सम्मोहन का गलत या अतिशयोक्तिपूर्ण चित्रण सां लोग मां डर बणै सै। ग्रामीण इलाकों मां, कभी-कभी सम्मोहन का तुलना '''जादू-टोना''' या '''भूत-प्रेत''' का कब्जा सां कर दियो जावै सै, जेकै गलत सै। हालांकि, शहरी क्षेत्रों मां शिक्षित वर्ग अब इ एक प्रभावी मनोचिकित्सा उपकरण केरा रूप मां अपणावै रहो सै।


== नेपालका उल्लेखनीय व्यवसायीहरू ==
== भारत का प्रमुख व्यवसायी ==
नेपालमा सम्मोहनको क्षेत्रमा अग्रणी रहेका केही व्यक्तिहरू यसप्रकार छन्:
भारत मां सम्मोहन का क्षेत्र मां कई प्रमुख हस्तियों नै योगदान दियो सै:
* '''डा. सुरेन्द्र कार्की''': नेपाली मनोचिकित्सक हुन् जसले देशमा चिकित्सीय सम्मोहनलाई लोकप्रिय बनाउन महत्त्वपूर्ण भूमिका खेलेका छन्। उनले धेरै कार्यशाला आयोजना गरेका छन्।
* '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''': प्रख्यात चिकित्सक आरू शिक्षाविद, जेणे चिकित्सा मां सम्मोहन का उपयोग का समर्थन कियो।
* '''डा. चेतन प्रधान''': एक मनोवैज्ञानिक र हिप्नोथेरेपिस्ट हुन् जसले काठमाडौंमा '''माइन्ड केयर नेपाल''' जस्ता संस्थामार्फत सम्मोहन चिकित्सा सेवा प्रदान गर्छन्।
* '''डॉ. (स्वामी) अग्निवेश ठक्कर''': मुंबई का एक प्रसिद्ध क्लिनिकल हिप्नोथेरेपिस्ट आरू ट्रेनर, जे ISCEH सां जुड़े रहै सै।
* '''हिप्नोटिस्ट राजन श्रेष्ठ''': मनोरञ्जनात्मक सम्मोहनका लागि परिचित, उनले टेलिभिजन कार्यक्रमहरूमा प्रदर्शन गरेका छन्।
* '''डॉ. सुनील शर्मा''': दिल्ली का एक जानलो मनोचिकित्सक आरू क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट, जेणे कई पुस्तकां लिखी सै।
* '''योग गुरु स्वामी विशुद्धानन्द''' जस्ता आध्यात्मिक गुरुहरूले पनि ध्यान र सम्मोहनजस्तै तरिकाहरू प्रशिक्षणमा समावेश गर्छन्।
* '''डॉ. नलिनी तड्ढा''': बंगलुरू का एक वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, जे NIMHANS सां जुड़ी रही सै आरू सम्मोहन चिकित्सा मां विशेषज्ञता रखै सै।
यसबाहेक, नेपालमा '''नेपाल हिप्नोसिस सोसाइटी''' जस्ता संस्थाहरूले यस क्षेत्रलाई संगठित गर्ने प्रयास गरिरहेका छन्।
* '''डॉ. विनोद कुमार गुप्ता''': हैदराबाद का एक प्रसिद्ध हिप्नोथेरेपिस्ट आरू लाइफ कोच।
 
* '''श्रीमती
== यो पनि हेर्नुहोस् ==
* [[मनोविज्ञान]]
* [[मनोचिकित्सा]]
* [[ध्यान]]
* [[योग]]
* [[अवचेतन मन]]
* [[प्रतिगमन सम्मोहन]]
* [[मनोरोग चिकित्सा]]
 
== सन्दर्भ सामग्री ==
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[[Category:Hypnosis]]
[[Category:Psychology]]

Edição atual desde as 15h46min de 1 de abril de 2026

हिप्नोसिस (सम्मोहन) एक मानसिक अवस्था होवै सै जिसमें व्यक्ति की एकाग्रता बढ़ी हुई, सुझावशीलता बढ़ी हुई आरू कल्पना सक्रिय रहै सै। इ एक थेरेपी आरू शोध का विधि होवै सै, जेकै उपयोग आदत सुधारण, दर्द प्रबंधन, चिंता कम करण आरू मानसिक स्वास्थ्य केरा विभिन्न पहलूँ सुधारण मां कियो जावै सै। भारत मां, इ विधि प्राचीन ध्यान आरू तपस्या केरा परंपरा सां जुड़ी हुई सै आरू आधुनिक समय मां एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति केरा रूप मां मान्यता प्राप्त करी रही सै।

परिभाषा

हिप्नोसिस एक ऐसी अवस्था सै जेकै ट्रान्स या सम्मोहित अवस्था कहियो सकै सै। इ नींद या बेहोशी का अवस्था नै सै, बल्कि एक ऐसी जागृत अवस्था सै जिसमें व्यक्ति का ध्यान अंदरूनी अनुभवों पै केंद्रित रहै सै। सम्मोहनकारी (हिप्नोटिस्ट) व्यक्ति का शांत, सुरक्षित महसूस करावै सै आरू विभिन्न मौखिक सुझाव (सजेशन्स) देयो सै जेकै उद्देश्य व्यक्ति का अवचेतन मन सां जोड़ण का होवै सै। इ समय, व्यक्ति का आलोचनात्मक सोच (क्रिटिकल फैकल्टी) कमजोर पड़ी होवै सै आरू वो सकारात्मक बदलाव या नई समझ अपणावै सै। इ बात ध्यान रखणी चाहिए कि सम्मोहित व्यक्ति का अपणा इच्छा या नैतिकता का विरुद्ध कोई काम करावै सै नै सै।

इतिहास

वैश्विक परिप्रेक्ष्य

सम्मोहन का आधुनिक इतिहास 18वीं सदी का ऑस्ट्रियाई चिकित्सक फ्रांज एंटन मेस्मर सां शुरू होवै सै, जेकै "पशु चुंबकत्व" (एनिमल मैग्नेटिज्म) का सिद्धांत दियो। हालांकि, उनका विधि का वैज्ञानिक आधार नै मान्यो गयो, पर उनका काम नै हिप्नोसिस का विकास मां महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 19वीं सदी मां, स्कॉटिश चिकित्सक जेम्स ब्रेड नै "हिप्नोसिस" शब्द का प्रयोग कियो आरू इ एक शारीरिक प्रक्रिया बताई। बाद मां, फ्रांस का न्यूरोलॉजिस्ट जीन-मार्टिन शार्को नै हिस्टीरिया का उपचार मां इका उपयोग कियो, आरू सिगमंड फ्रायड नै शुरुआती दिनों मां इ विधि का अध्ययन कियो अपणी मनोविश्लेषण विधि विकसित करण सां पहिले।

भारतीय संदर्भ आरू परंपरा

भारत मां, सम्मोहन जैसी अवस्थाओं का वर्णन प्राचीन ग्रंथों मां मिलै सै। तपस्या, ध्यान (मेडिटेशन) आरू समाधि का अवस्थाएं सम्मोहन सां मिलती-जुलती एकाग्रता आरू अलtered चेतना का स्तर प्रदर्शित करै सै। भारतीय योग दर्शन मां मन का विभिन्न स्तरों (मन, बुद्धि, अहंकार, चित्त) का वर्णन सै, जे सम्मोहन मां अवचेतन मन सां संवाद करण का सिद्धांत सां मेल खावै सै। 20वीं सदी मां, भारत मां आधुनिक सम्मोहन का विकास स्वामी रामदेव, श्री योगेंद्र जैसे योग गुरुओं का काम सां आरू डॉ. बी. एम. हेगड़े जैसे चिकित्सकों का प्रयासों सां हुआ। आज, इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH) आरू इंडियन एसोसिएशन ऑफ क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट्स (IACH) जैसी संस्थाएं भारत मां सम्मोहन का प्रशिक्षण आरू प्रचार मां लगी हुई सैं।

प्रकार

सम्मोहन का मुख्य रूप से दो प्रकार माने जावै सै:

  • पारंपरिक सम्मोहन (ऑथरिटेरियन): इ मां सम्मोहनकारी प्रत्यक्ष, दृढ़ आदेश देयो सै। इ पुरानी शैली सै आरू अक्सर मंच सम्मोहन (स्टेज हिप्नोसिस) मां देखी सकै सै।
  • एरिक्सोनियन सम्मोहन (परमिसिव): अमेरिकी मनोचिकित्सक मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित इ शैली मां अप्रत्यक्ष कहानियां, रूपक आरू अनुमति देण वाला भाषा का उपयोग होवै सै। इ अधिक सूक्ष्म आरू आम चिकित्सा मां उपयोगी सै।
  • स्व-सम्मोहन (सेल्फ-हिप्नोसिस): जब व्यक्ति खुद का सम्मोहित करै सै तनाव प्रबंधन या लक्ष्य हासिल करण सांठी। इ सीखी जा सकै सै आरू एक शक्तिशाली स्व-सहायता उपकरण सै।
  • प्रतिगमन सम्मोहन: इ विशेष प्रकार का सम्मोहन सै जिसमें व्यक्ति का अतीत का यादों, कभी-कभी बचपन या पिछले जन्मों मां ले जायो जावै सै। इका उपयोग गहरे मनोवैज्ञानिक समस्याओं का मूल कारण ढूंढण सांठी कियो जावै सै, पर इ विवादास्पद सै।

वैज्ञानिक शोध

वैज्ञानिक शोध बतावै सै कि सम्मोहन मां मस्तिष्क का कार्य करण का तरीका बदली जावै सै। फंक्शनल एमआरआई स्कैन सां पता चलै सै कि सम्मोहन का अवस्था मां मस्तिष्क का पूर्ववर्ती सिंगुलेट कॉर्टेक्स आरू डिफॉल्ट मोड नेटवर्क सक्रिय होवै सै, जे ध्यान आरू आत्म-चिंतन सां जुड़ा सै। इ नै सिर्फ एक कल्पना नै सै, बल्कि एक वास्तविक तंत्रिका-शारीरिक अवस्था सै। भारत मां, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली, राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (NIMHANS) बंगलुरू आरू पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER) चंडीगढ़ जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों मां सम्मोहन का चिकित्सीय प्रभाव पर शोध होवै रहो सै, खासकर दर्द प्रबंधन, धूम्रपान छुड़ावै आरू चिंता विकारों मां।

अनुप्रयोग

सम्मोहन का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों मां होवै सै:

  • चिकित्सा क्षेत्र: दंत चिकित्सा मां दर्द कम करण, शल्य चिकित्सा (सर्जरी) का समय दर्द आरू चिंता नियंत्रण, पुराने दर्द का प्रबंधन, साइकोसोमैटिक विकारों (जैसे अस्थमा, चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम) का उपचार।
  • मनोचिकित्सा: फोबिया, तनाव, अवसाद, PTSD, नींद संबंधी विकार, वजन प्रबंधन, धूम्रपान आरू शराब जैसी लतों सां मुक्ति।
  • खेल मनोविज्ञान: खिलाड़ियों का प्रदर्शन बढ़ावै, एकाग्रता सुधारै आरू आत्मविश्वास बढ़ावै सांठी।
  • शिक्षा आरू करियर: याददाश्त बढ़ावै, परीक्षा का तनाव कम करण, सीखण की क्षमता बढ़ावै।
  • व्यक्तिगत विकास: आत्म-सम्मान बढ़ावै, रचनात्मकता बढ़ावै, बुरी आदतों सां छुटकारो पावै।

भारत मां कानूनी स्थिति

भारत मां, सम्मोहन का कोई एक केंद्रीय कानून नै सै। इका अभ्यास भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) का नैयमों सां जुड़ा सै। सामान्य नैयम इ सै:

  • केवल पंजीकृत चिकित्सक (एमबीबीएस डॉक्टर) या पंजीकृत मनोवैज्ञानिक ही चिकित्सीय सम्मोहन का अभ्यास करी सकै सै। बिना चिकित्सा योग्यता का व्यक्ति द्वारा सम्मोहन का अभ्यास गलत अभ्यास (मालप्रैक्टिस) मां आ सकै सै आरू कानूनी कार्रवाई का कारण बण सकै सै।
  • मंच सम्मोहन (मनोरंजन सांठी) कानूनी सै, पर इमां शारीरिक नुकसान या अपमानजनक हरकत नै करावै जा सकै। कुछ राज्यों मां स्थानीय पुलिस अनुमति लेणी पड़ै सै।
  • प्रतिगमन सम्मोहन विशेष रूप सां संवेदनशील सै। कई पेशेवर संगठन इका अभ्यास सांठी सख्त दिशा-निर्देश बणावै सै, क्योंकि झूठी यादें बणावै का खतरो रहै सै।
  • भारतीय दंड संहिता (IPC) का धारा 176 (ओझा-गुणी का काम) जैसे प्रावधान अगर कोई नुकसान होवै तो लागू हो सकै सै।

सांस्कृतिक दृष्टिकोण

भारतीय समाज मां सम्मोहन का प्रति दृष्टिकोण मिला-जुला सै। एक ओर, इका प्राचीन आध्यात्मिक प्रथाओं सां जोड़कै देखो जावै सै आरू एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति केरा रूप मां स्वीकार कियो जा रहो सै। दूसरी ओर, अंधविश्वास आरू गलतफहमी का कारण सां लोग इका शक की नजर सां देखै सै। टीवी शोज, फिल्मों (जैसे "हिप्नोटिक" या पुरानी फिल्म "नगीना") मां सम्मोहन का गलत या अतिशयोक्तिपूर्ण चित्रण सां लोग मां डर बणै सै। ग्रामीण इलाकों मां, कभी-कभी सम्मोहन का तुलना जादू-टोना या भूत-प्रेत का कब्जा सां कर दियो जावै सै, जेकै गलत सै। हालांकि, शहरी क्षेत्रों मां शिक्षित वर्ग अब इ एक प्रभावी मनोचिकित्सा उपकरण केरा रूप मां अपणावै रहो सै।

भारत का प्रमुख व्यवसायी

भारत मां सम्मोहन का क्षेत्र मां कई प्रमुख हस्तियों नै योगदान दियो सै:

  • डॉ. बी. एम. हेगड़े: प्रख्यात चिकित्सक आरू शिक्षाविद, जेणे चिकित्सा मां सम्मोहन का उपयोग का समर्थन कियो।
  • डॉ. (स्वामी) अग्निवेश ठक्कर: मुंबई का एक प्रसिद्ध क्लिनिकल हिप्नोथेरेपिस्ट आरू ट्रेनर, जे ISCEH सां जुड़े रहै सै।
  • डॉ. सुनील शर्मा: दिल्ली का एक जानलो मनोचिकित्सक आरू क्लिनिकल हिप्नोटिस्ट, जेणे कई पुस्तकां लिखी सै।
  • डॉ. नलिनी तड्ढा: बंगलुरू का एक वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक, जे NIMHANS सां जुड़ी रही सै आरू सम्मोहन चिकित्सा मां विशेषज्ञता रखै सै।
  • डॉ. विनोद कुमार गुप्ता: हैदराबाद का एक प्रसिद्ध हिप्नोथेरेपिस्ट आरू लाइफ कोच।
  • श्रीमती