सम्मोहन: diferenças entre revisões

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'''सम्मोहन''' (Hypnosis) एक मानसिक अवस्था होय जेमा व्यक्ति कें ध्यान केंन्द्रित, सुझावशीलता आरू कल्पना क्षमता बढ़ जावे है। ई एक प्रकार कूं ट्रान्स होय, जेमा व्यक्ति स्वाभाविक रूप से आरू सहजता से प्रवेश करे है। सम्मोहन कूं चिकित्सा, मनोरंजन आरू आत्म-सुधार कें लिए प्रयोग किया जावे है। भारत मा, ई पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों आरू आधुनिक मनोविज्ञान कें बीच कूं एक सेतु कें रूप मा देखा जावे है।
'''सम्मोहन''' (Hypnosis) एक मानसिक अवस्था हो जिसमा व्यक्तिको ध्यान केन्द्रित, सुझावशीलता बढी र कल्पनाशीलता सक्रिय हुन्छ। यो एक प्रकारको चिकित्सीय उपकरणको रूपमा प्रयोग गरिन्छ जहाँ सम्मोहनकर्ताले (हिप्नोटिस्ट) विशेष सुझावहरू दिएर व्यक्तिको सोचाई, भावना, संवेदना वा व्यवहारमा परिवर्तन ल्याउन सक्छन। यसलाई नेपाली भाषामा '''सम्मोहन''' वा '''मनोनिग्रह''' भनिन्छ।


== परिभाषा ==
== परिभाषा ==
'''सम्मोहन''' एक ऐसी मानसिक प्रक्रिया होय जेमा एक व्यक्ति (सम्मोहनकारक) दूसरे व्यक्ति (विषय) कें लिए सुझाव कें माध्यम से एक परिवर्तित चेतना अवस्था उत्पन्न करे है। ई अवस्था मा, विषय बाहरी दुनिया कें प्रति कम जागरूक रहे है आरू आंतरिक अनुभवों, यादों आरू संवेदनाओं पर अधिक ध्यान केंन्द्रित कर पावे है। ई नींद कें समान ना होय, बल्कि एक केंन्द्रित जागरूकता कें अवस्था होय। सम्मोहन कें दौरान, व्यक्ति कें इच्छा शक्ति गायब ना होय आरू वो कोई ऐसा काम ना कर सकत है जो उनकें सामान्य नैतिक सिद्धांतों कें विरुद्ध होय।
'''सम्मोहन''' एक प्राकृतिक र सामान्य मानसिक प्रक्रिया हो जसमा व्यक्ति आफैंले वा अर्काको मार्गदर्शनमा गहिरो ध्यानको अवस्थामा प्रवेश गर्छ। यो अवस्था निद्रा होइन, बरु एक तरल चेतनाको अवस्था हो जहाँ व्यक्तिको चेतन मन शान्त र आलोचनात्मक सोच कम हुन्छ र अवचेतन मनसँग सिधै काम गर्न सकिन्छ। यस अवस्थामा दिइएका सकारात्मक सुझावहरू व्यक्तिको मनमा गहिरो प्रभाव पार्छन् र दीर्घकालीन परिवर्तन ल्याउन सक्छन्। नेपाली सन्दर्भमा, यसलाई प्रायः आध्यात्मिक अभ्याससँग जोडेर हेरिन्छ तर आधुनिक चिकित्सामा यसको वैज्ञानिक प्रयोग बढ्दो छ।


== इतिहास ==
== इतिहास ==
=== वैश्विक परिप्रेक्ष्य ===
=== विश्व सन्दर्भ ===
सम्मोहन कें आधुनिक इतिहास कें शुरुआत 18वीं सदी मा फ्रांज मेस्मर कें कार्यों से मानी जावे है, जिनकर "पशु चुंबकत्व" कें सिद्धांत ने ई विचार दिया कि एक अदृश्य तरल शरीर मा बीमारियों कें कारण बने है आरू उनका सम्मोहन द्वारा ठीक किया जा सकत है। बाद मा, जेम्स ब्रेड ने "हिप्नोसिस" शब्द कें प्रयोग किया आरू इनका एक शारीरिक प्रक्रिया बताया। 19वीं आरू 20वीं सदी मा, सिगमंड फ्रायड आरू पियरे जाने जैसा मनोवैज्ञानिकों ने इनका अचेतन मन कें अध्ययन कें लिए प्रयोग किया।
सम्मोहनको इतिहास प्राचीन छ। प्राचीन मिस्र, ग्रीस र भारतमा पनि 'निद्रा मन्दिर' जस्ता स्थानहरूमा सम्मोहनजस्तै प्रक्रियाद्वारा चिकित्सा गरिन्थ्यो। आधुनिक सम्मोहनको जनक जर्मन चिकित्सक '''फ्रान्ज एन्टन मेस्मर''' (१७३४-१८१५) लाई मानिन्छ, जसले 'पशु चुम्बकत्व' (एनिमल म्याग्नेटिजम) को सिद्धान्त प्रस्तुत गरे। पछि, स्कटिश चिकित्सक '''जेम्स ब्रेड''' (१७९५-१८६०) ले यसलाई वैज्ञानिक आधार दिए र 'हिप्नोसिस' शब्दको प्रयोग गरे, जुन ग्रीक शब्द 'हिप्नोस' (निद्रा) बाट आएको हो। २०औं शताब्दीमा, '''मिल्टन एच. एरिक्सन''' लगायत विद्वानहरूले चिकित्सीय सम्मोहनलाई परिष्कृत र लोकप्रिय बनाए।


=== भारतीय संदर्भ ===
=== नेपाली सन्दर्भ ===
भारत मा, सम्मोहन जैसी अवस्थाओं कें अवधारणा प्राचीन काल से ही विद्यमान रही है। योग मा '''ध्यान''' आरू '''समाधि''' कें अवस्थाएं सम्मोहन से कुछ समानताएं रखती है, जेमा चित्त एकाग्र होके गहरी अवस्था मा प्रवेश करे है। तांत्रिक अनुष्ठान, भक्ति मा कीर्तन कें दौरा लगणार भावसमाधि, आरू देवी-देवताओं कें ऊपर '''आवेश''' आवण कें अनुभव मा भी सम्मोहन जैसी तत्व मिलत है। आधुनिक भारत मा, 20वीं सदी कें शुरुआत मा कलकत्ता आरू मुंबई जैसा शहरों मा सम्मोहन कें चिकित्सीय प्रयोग कें प्रदर्शन शुरू भय। स्वतंत्रता कें बाद, डॉक्टरों आरू मनोवैज्ञानिकों ने इनका एक वैज्ञानिक उपकरण कें रूप मा अपनाया।
नेपालमा सम्मोहनको अवधारणा नयाँ होइन। सदियौंदेखि यहाँका '''घुमन्ते साधु''', '''ज्ञानी-मानीहरू''' '''तान्त्रिक'''हरूले विभिन्न मन्त्र, जाप र ध्यानको माध्यमबाट मानिसको चित्तलाई केन्द्रित र नियन्त्रण गर्ने प्रयास गर्दै आएका छन्, जसलाई सम्मोहनको एक रूप मान्न सकिन्छ। '''ध्यान''' र '''समाधि'''को सनातन परम्परा यससँग नजिकको सम्बन्ध राख्छ। आधुनिक रूपमा, नेपालमा सम्मोहनको अभ्यास २०औं शताब्दीको उत्तरार्धदेखि, विशेष गरी विदेशबाट शिक्षा प्राप्त केही चिकित्सक र मनोवैज्ञानिकहरूद्वारा सुरु भएको हो। २०४० सालपछि काठमाडौंमा यससम्बन्धी कार्यशाला र प्रशिक्षणहरू सुरु भए।


== प्रकार ==
== प्रकारहरू ==
सम्मोहन कें मुख्य रूप से दो प्रकार होय:
सम्मोहनलाई प्रयोगको आधारमा विभिन्न प्रकारमा बाँड्न सकिन्छ:
* '''पारंपरिक सम्मोहन''': इनमा एक सम्मोहनकारक विषय कें शांत करिके मौखिक सुझाव द्वारा ट्रान्स अवस्था मा ले जावे है।
* '''चिकित्सीय सम्मोहन (थेरेप्युटिक हिप्नोसिस)''': यो मनोचिकित्सा र परामर्शको एक भागको रूपमा प्रयोग हुन्छ। यसद्वारा तनाव, चिन्ता, भी, धूम्रपान छोड्ने, मोटोपन नियन्त्रण, दर्द प्रबन्धन लगायत समस्याहरूको उपचार गरिन्छ।
* '''स्व-सम्मोहन''': इनमा व्यक्ति खुद कें सुझाव द्वारा सम्मोहन अवस्था उत्पन्न करे है। ई अक्सर तनाव प्रबंधन आरू प्रदर्शन कें चिंता कें लिए प्रयोग किया जावे है।
* '''मनोरञ्जनात्मक सम्मोहन (स्टेज हिप्नोसिस)''': यसलाई सार्वजनिक मनोरञ्जनको लागि प्रदर्शन गरिन्छ। नेपालमा पनि विदेशी र स्थानीय कलाकारहरूद्वारा यस्ता कार्यक्रम हुने गरेका छन्।
* '''एरिक्सोनियन सम्मोहन''': मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित, ई एक अप्रत्यक्ष आरू कहानी सुनावण कें शैली होय, जे भारतीय कथा परंपरा से मेल खावे है।
* '''स्व-सम्मोहन (सेल्फ-हिप्नोसिस)''': व्यक्तिले आफैंलाई सम्मोहनमा राखेर सकारात्मक सुझाव दिने प्रक्रिया। यसको लागि प्रशिक्षण आवश्यक हुन्छ।
* '''प्रतिगमन सम्मोहन''': ई एक विशेष प्रकार होय जेमा व्यक्ति कें अतीत कें यादों, कई बार '''[[प्रतिगमन सम्मोहन|पिछले जन्मों]]''' तक, मा ले जाया जावे है। भारत मा पुनर्जन्म कें मान्यता कें कारण ई विधा काफी लोकप्रिय है।
* '''एरिक्सनियन सम्मोहन''': मिल्टन एरिक्सनद्वारा विकसित यो विधिमा अनौपचारिक र कथाको माध्यमबाट सुझाव दिइन्छ।
* '''प्रतिगमन सम्मोहन (रिग्रेसन हिप्नोसिस)''': यसद्वारा व्यक्तिलाई अवचेतन मनमा गएर बितेका समयका घटनाहरू, सम्भवतः बाल्यकाल वा पूर्वजन्मका अनुभूतिहरू सम्झन मद्दत गरिन्छ। यसबारे थप जानकारी [[प्रतिगमन सम्मोहन]] लेखमा पाउन सकिन्छ।


== वैज्ञानिक अनुसंधान ==
== वैज्ञानिक अनुसन्धान ==
वैज्ञानिक शोध बतावे है कि सम्मोहन कें दौरान मस्तिष्क कें कार्यप्रणाली मा परिवर्तन होत है। एफएमआरआई स्कैन से पता चलत है कि सुझावशीलता कें समय मस्तिष्क कें पूर्वकाल सिंगुलेट कॉर्टेक्स आरू प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स मा गतिविधि बदल जावे है। भारत मा, '''अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)''', '''राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस)''' आरू कई विश्वविद्यालयों मा सम्मोहन पर शोध होत रहय है। शोध कें विषय मा दर्द प्रबंधन, नशा मुक्ति, चिंता आरू अवसाद कें उपचार, आरू '''पेट कें समस्या''' जैसा मनोदैहिक रोग शामिल है।
विश्वभरि सम्मोहनको प्रभावकारिता र न्युरोबायोलोजीमा धेरै अनुसन्धान भएका छन्। '''एफएमआरआई''' जस्ता न्युरोइमेजिंग प्रविधिले देखाएको छ कि सम्मोहनको अवस्थामा मस्तिष्कको केही भागहरूको सक्रियता परिवर्तन हुन्छ, विशेष गरी ध्यान र नियन्त्रणसँग सम्बन्धित भागहरूमा। यसले दर्द, चिन्ता र आदतनिर्माण जस्ता प्रक्रियाहरूमा सीधा असर गर्न सक्ने देखिन्छ। '''अमेरिकन साइकोलोजिकल एसोसिएशन''' (एपीए) ले १९५० मा सम्मोहनलाई चिकित्सीय उपकरणको रूपमा मान्यता दिएको हो। नेपालमा यस क्षेत्रमा व्यवस्थित अनुसन्धान अत्यन्त न्यून छ, तर '''त्रिभुवन विश्वविद्यालय''' '''काठमाडौं विश्वविद्यालय'''को मनोविज्ञान विभागहरूमा यसलाई एक विषयको रूपमा पढाइन्छ र केही छात्र अनुसन्धान गर्छन्।


== अनुप्रयोग ==
== प्रयोगहरू ==
भारतीय संदर्भ मा सम्मोहन कें प्रमुख अनुप्रयोग निम्नलिखित है:
नेपाल र विश्वमा सम्मोहनको प्रयोग निम्न क्षेत्रहरूमा हुन्छ:
* '''चिकित्सीय उपयोग''': धूम्रपान छुड़ावण, वजन नियंत्रण, भय (फोबिया) कें उपचार, दर्द प्रबंधन (विशेषकर कैंसर कें मरीजों मा), आरू पोस्ट-ट्रॉमैटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (PTSD) कें लिए।
* '''मानसिक स्वास्थ्य''': अवसाद, पोस्ट-ट्राउमाटिक स्ट्रेस डिसअर्डर (पीटीएसडी), फोबिया, तनाव प्रबन्धनमा।
* '''मनोरंजन''': स्टेज शो कें रूप मा, जेमा सम्मोहनकारक स्वयंसेवकों पर मनोरंजक सुझाव कें प्रभाव दिखावे है। भारत मा ई मेलों आरू सांस्कृतिक कार्यक्रमों मा देखा जा सकत है।
* '''चिकित्सा''': क्यान्सर र अन्य दीर्घरोगका रोगीहरूको दर्द र चिन्ता कम गर्न, शल्यक्रिया पश्चात् निको हुन सहयोग गर्न।
* '''खेल मनोविज्ञान''': खिलाड़ियों कें आत्मविश्वास बढ़ावण, एकाग्रता सुधारण आरू प्रदर्शन चिंता कें प्रबंधन कें लिए।
* '''व्यसन मुक्ति''': धूम्रपान, मद्यपान, अन्य नशा छुटाउनमा।
* '''शिक्षा''': याददाश्त बढ़ावण, परीक्षा कें तनाव कें प्रबंधन आरू सीखण कें क्षमता बढ़ावण मा सहायक।
* '''शैक्षिक उन्नति''': एकाग्रता बढाउन, परीक्षाको तनाव कम गर्न, सिक्ने क्षमता विकास गर्न।
* '''आध्यात्मिक विकास''': कुछ योग आरू ध्यान केंन्द्रों मा, स्व-सम्मोहन कें तकनीक आंतरिक शांति आरू आत्म-अन्वेषण कें लिए सिखाई जावे है।
* '''खेलकुद''': खेलाडीहरूको प्रदर्शन, आत्मविश्वास र मानसिक तयारी बढाउन।
* '''व्यक्तिगत विकास''': आत्म-सम्मान बढाउन, नकारात्मक सोच परिवर्तन गर्न, लक्ष्य निर्धारणमा।


== भारत मा कानूनी स्थिति ==
== नेपालमा कानूनी स्थिति ==
भारत मा, सम्मोहन कें चिकित्सीय अभ्यास कें लिए कोई एक राष्ट्रीय कानून ना है। हालांकि, ई '''भारतीय चिकित्सा परिषद (एमसीआई)''' कें नैतिक दिशा-निर्देशों कें अंतर्गत आवे है। एक '''पंजीकृत चिकित्सक''' (एमबीबीएस) या '''पंजीकृत क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक''' सम्मोहन कें चिकित्सीय प्रयोग कर सकत है। बिना चिकित्सीय योग्यता कें व्यक्तियों द्वारा सम्मोहन कें अभ्यास गैर-पेशेवर आरू अनैतिक माना जावे है आरू ई '''भारतीय दंड संहिता (आईपीसी)''' कें तहत धोखाधड़ी या चोट कें मामले मा मुकदमा चलावण कें कारण बन सकत है। मनोरंजन कें लिए स्टेज सम्मोहन कें लिए विशेष लाइसेंस कें आवश्यकता ना होय, बशर्ते कोई दर्शक कें साथ दुर्व्यवहार ना होय।
नेपालमा सम्मोहनको कानूनी स्थिति स्पष्ट रूपमा परिभाषित छैन। '''नेपाल मेडिकल काउन्सिल''' ले सम्मोहनलाई चिकित्सा पेशा भएका (एमबीबीएस, मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक) लाई मात्र प्रयोग गर्न अनुमति दिन्छ। बिना चिकित्सकीय योग्यताको सम्मोहन अभ्यास गर्नु कानूनी रूपमा जोखिमपूर्ण हुन सक्छ र यसलाई '''छली''' वा अनैतिक व्यवसायको रूपमा हेरिन सक्छ। '''नेपाल सरकार'''को स्वास्थ्य मन्त्रालयले यस सम्बन्धमा विशेष नीति बनाएको छैन। तसर्थ, सम्मोहन चिकित्सा गर्ने व्यक्तिको योग्यता र प्रमाणीकरणको प्रश्न महत्त्वपूर्ण रहन्छ। केही संस्थाहरूले प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम चलाउँदा पनि ती सबै सरकारी मान्यता प्राप्त छैनन्।


== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
== सांस्कृतिक दृष्टिकोण ==
भारतीय समाज मा सम्मोहन कें प्रति दृष्टिकोण मिश्रित है। एक ओर, ई एक वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति कें रूप मा स्वीकार किया जाता है, खासकर शहरी क्षेत्रों मा। दूसरी ओर, ग्रामीण आरू अंधविश्वासी समुदायों मा, सम्मोहन कें क्षमताओं कें साथ '''जादू-टोना''', '''भूत-प्रेत''' कें सवारी, आरू '''काला जादू''' जैसा धारणाएं जोड़ी जावे है। कई लोग इनका आध्यात्मिक प्रक्रिया से जोड़ के देखत है आरू सद्गुरु आरू बाबा जैसा आध्यात्मिक गुरुओं द्वारा प्रदर्शित गहरी ध्यान अवस्थाओं कें साथ तुलना करत है। मीडिया आरू बॉलीवुड फिल्मों मा अक्सर सम्मोहन कें गलत आरू अतिरंजित चित्रण होत है, जे सार्वजनिक धारणा को प्रभावित करे है।
नेपाली समाजमा सम्मोहनप्रति दुईवटा प्रमुख दृष्टिकोण छन्। एकतर्फ, यसलाई '''अध्यात्म, योग र तन्त्र'''सँग जोडेर हेरिन्छ र यसको प्राचीन इतिहासमा विश्वास गरिन्छ। अर्कोतर्फ, आधुनिक नेपाली समाजमा, विशेष गरी शहरी क्षेत्रमा, यसलाई एक '''वैज्ञानिक चिकित्सा विधि'''को रूपमा स्वीकार्ने प्रवृत्ति बढ्दै गएको छ। तरै पनि, ग्रामीण क्षेत्रहरूमा यसलाई '''जादु-टोना''' वा अलौकिक शक्तिसँग गलत ढंगले जोडेर हेर्ने र भ्रम फैलाउने चलन छ। धेरै मानिसहरूले सम्मोहनलाई '''मानसिक नियन्त्रण''' गर्ने खतरनाक हतियारको रूपमा पनि हेर्छन्, जसकारण सावधानी र जागरूकताको आवश्यकता रहन्छ। मिडिया (टिभी, रेडियो) मा प्रसारित केही कार्यक्रमहरूले यसप्रति जिज्ञासा बढाएका छन्।


== भारत कें उल्लेखनीय व्यवसायी ==
== नेपालका उल्लेखनीय व्यवसायीहरू ==
* '''डॉ. बी. एम. हेगड़े''': प्रख्यात चिकित्सक आरू शिक्षाविद, जिन्होंने एकीकृत चिकित्सा मा सम्मोहन कें उपयोग कें बारे मा लिखा है।
नेपालमा सम्मोहनको क्षेत्रमा अग्रणी रहेका केही व्यक्तिहरू यसप्रकार छन्:
* '''डॉ. नंदिनी सिंह''': दिल्ली स्थित एक क्लिनिकल मनोवैज्ञानिक जे दर्द प्रबंधन आरू ऑन्कोलॉजी मा सम्मोहन चिकित्सा कें लिए जानी जावे है।
* '''डा. सुरेन्द्र कार्की''': नेपाली मनोचिकित्सक हुन् जसले देशमा चिकित्सीय सम्मोहनलाई लोकप्रिय बनाउन महत्त्वपूर्ण भूमिका खेलेका छन्। उनले धेरै कार्यशाला आयोजना गरेका छन्।
* '''डॉ. एस. के. रामचंद्र राव''': मनोचिकित्सक आरू लेखक, जिन्होंने भारतीय संदर्भ मा सम्मोहन पर व्यापक रूप से लिखा है।
* '''डा. चेतन प्रधान''': एक मनोवैज्ञानिक र हिप्नोथेरेपिस्ट हुन् जसले काठमाडौंमा '''माइन्ड केयर नेपाल''' जस्ता संस्थामार्फत सम्मोहन चिकित्सा सेवा प्रदान गर्छन्।
* '''श्री मोहन लाल वैष्णव''': जयपुर से एक मंच सम्मोहनकारक, जो कई दशकों से मनोरंजन सम्मोहन मा सक्रिय है।
* '''हिप्नोटिस्ट राजन श्रेष्ठ''': मनोरञ्जनात्मक सम्मोहनका लागि परिचित, उनले टेलिभिजन कार्यक्रमहरूमा प्रदर्शन गरेका छन्।
* '''इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस (ISCEH)''': एक राष्ट्रीय संगठन जो सम्मोहन कें चिकित्सीय अनुसंधान आरू प्रशिक्षण को बढ़ावा देत है।
* '''योग गुरु स्वामी विशुद्धानन्द''' जस्ता आध्यात्मिक गुरुहरूले पनि ध्यान र सम्मोहनजस्तै तरिकाहरू प्रशिक्षणमा समावेश गर्छन्।
यसबाहेक, नेपालमा '''नेपाल हिप्नोसिस सोसाइटी''' जस्ता संस्थाहरूले यस क्षेत्रलाई संगठित गर्ने प्रयास गरिरहेका छन्।


== यह भी देखें ==
== यो पनि हेर्नुहोस् ==
* [[प्रतिगमन सम्मोहन]]
* [[मनोविज्ञान]]
* [[मनोचिकित्सा]]
* [[ध्यान]]
* [[ध्यान]]
* [[योग]]
* [[योग]]
* [[मनोविज्ञान]]
* [[अवचेतन मन]]
* [[मनोचिकित्सा]]
* [[प्रतिगमन सम्मोहन]]
* [[अचेतन मन]]
* [[मनोरोग चिकित्सा]]
* [[भारतीय मनोविज्ञान परिषद]]
 
== सन्दर्भ सामग्री ==
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[[Category:Hypnosis]]
[[Category:Hypnosis]]
[[Category:Psychology]]
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Revisão das 10h50min de 1 de abril de 2026

सम्मोहन (Hypnosis) एक मानसिक अवस्था हो जिसमा व्यक्तिको ध्यान केन्द्रित, सुझावशीलता बढी र कल्पनाशीलता सक्रिय हुन्छ। यो एक प्रकारको चिकित्सीय उपकरणको रूपमा प्रयोग गरिन्छ जहाँ सम्मोहनकर्ताले (हिप्नोटिस्ट) विशेष सुझावहरू दिएर व्यक्तिको सोचाई, भावना, संवेदना वा व्यवहारमा परिवर्तन ल्याउन सक्छन। यसलाई नेपाली भाषामा सम्मोहन वा मनोनिग्रह भनिन्छ।

परिभाषा

सम्मोहन एक प्राकृतिक र सामान्य मानसिक प्रक्रिया हो जसमा व्यक्ति आफैंले वा अर्काको मार्गदर्शनमा गहिरो ध्यानको अवस्थामा प्रवेश गर्छ। यो अवस्था निद्रा होइन, बरु एक तरल चेतनाको अवस्था हो जहाँ व्यक्तिको चेतन मन शान्त र आलोचनात्मक सोच कम हुन्छ र अवचेतन मनसँग सिधै काम गर्न सकिन्छ। यस अवस्थामा दिइएका सकारात्मक सुझावहरू व्यक्तिको मनमा गहिरो प्रभाव पार्छन् र दीर्घकालीन परिवर्तन ल्याउन सक्छन्। नेपाली सन्दर्भमा, यसलाई प्रायः आध्यात्मिक अभ्याससँग जोडेर हेरिन्छ तर आधुनिक चिकित्सामा यसको वैज्ञानिक प्रयोग बढ्दो छ।

इतिहास

विश्व सन्दर्भ

सम्मोहनको इतिहास प्राचीन छ। प्राचीन मिस्र, ग्रीस र भारतमा पनि 'निद्रा मन्दिर' जस्ता स्थानहरूमा सम्मोहनजस्तै प्रक्रियाद्वारा चिकित्सा गरिन्थ्यो। आधुनिक सम्मोहनको जनक जर्मन चिकित्सक फ्रान्ज एन्टन मेस्मर (१७३४-१८१५) लाई मानिन्छ, जसले 'पशु चुम्बकत्व' (एनिमल म्याग्नेटिजम) को सिद्धान्त प्रस्तुत गरे। पछि, स्कटिश चिकित्सक जेम्स ब्रेड (१७९५-१८६०) ले यसलाई वैज्ञानिक आधार दिए र 'हिप्नोसिस' शब्दको प्रयोग गरे, जुन ग्रीक शब्द 'हिप्नोस' (निद्रा) बाट आएको हो। २०औं शताब्दीमा, मिल्टन एच. एरिक्सन लगायत विद्वानहरूले चिकित्सीय सम्मोहनलाई परिष्कृत र लोकप्रिय बनाए।

नेपाली सन्दर्भ

नेपालमा सम्मोहनको अवधारणा नयाँ होइन। सदियौंदेखि यहाँका घुमन्ते साधु, ज्ञानी-मानीहरूतान्त्रिकहरूले विभिन्न मन्त्र, जाप र ध्यानको माध्यमबाट मानिसको चित्तलाई केन्द्रित र नियन्त्रण गर्ने प्रयास गर्दै आएका छन्, जसलाई सम्मोहनको एक रूप मान्न सकिन्छ। ध्यानसमाधिको सनातन परम्परा यससँग नजिकको सम्बन्ध राख्छ। आधुनिक रूपमा, नेपालमा सम्मोहनको अभ्यास २०औं शताब्दीको उत्तरार्धदेखि, विशेष गरी विदेशबाट शिक्षा प्राप्त केही चिकित्सक र मनोवैज्ञानिकहरूद्वारा सुरु भएको हो। २०४० सालपछि काठमाडौंमा यससम्बन्धी कार्यशाला र प्रशिक्षणहरू सुरु भए।

प्रकारहरू

सम्मोहनलाई प्रयोगको आधारमा विभिन्न प्रकारमा बाँड्न सकिन्छ:

  • चिकित्सीय सम्मोहन (थेरेप्युटिक हिप्नोसिस): यो मनोचिकित्सा र परामर्शको एक भागको रूपमा प्रयोग हुन्छ। यसद्वारा तनाव, चिन्ता, भी, धूम्रपान छोड्ने, मोटोपन नियन्त्रण, दर्द प्रबन्धन लगायत समस्याहरूको उपचार गरिन्छ।
  • मनोरञ्जनात्मक सम्मोहन (स्टेज हिप्नोसिस): यसलाई सार्वजनिक मनोरञ्जनको लागि प्रदर्शन गरिन्छ। नेपालमा पनि विदेशी र स्थानीय कलाकारहरूद्वारा यस्ता कार्यक्रम हुने गरेका छन्।
  • स्व-सम्मोहन (सेल्फ-हिप्नोसिस): व्यक्तिले आफैंलाई सम्मोहनमा राखेर सकारात्मक सुझाव दिने प्रक्रिया। यसको लागि प्रशिक्षण आवश्यक हुन्छ।
  • एरिक्सनियन सम्मोहन: मिल्टन एरिक्सनद्वारा विकसित यो विधिमा अनौपचारिक र कथाको माध्यमबाट सुझाव दिइन्छ।
  • प्रतिगमन सम्मोहन (रिग्रेसन हिप्नोसिस): यसद्वारा व्यक्तिलाई अवचेतन मनमा गएर बितेका समयका घटनाहरू, सम्भवतः बाल्यकाल वा पूर्वजन्मका अनुभूतिहरू सम्झन मद्दत गरिन्छ। यसबारे थप जानकारी प्रतिगमन सम्मोहन लेखमा पाउन सकिन्छ।

वैज्ञानिक अनुसन्धान

विश्वभरि सम्मोहनको प्रभावकारिता र न्युरोबायोलोजीमा धेरै अनुसन्धान भएका छन्। एफएमआरआई जस्ता न्युरोइमेजिंग प्रविधिले देखाएको छ कि सम्मोहनको अवस्थामा मस्तिष्कको केही भागहरूको सक्रियता परिवर्तन हुन्छ, विशेष गरी ध्यान र नियन्त्रणसँग सम्बन्धित भागहरूमा। यसले दर्द, चिन्ता र आदतनिर्माण जस्ता प्रक्रियाहरूमा सीधा असर गर्न सक्ने देखिन्छ। अमेरिकन साइकोलोजिकल एसोसिएशन (एपीए) ले १९५० मा सम्मोहनलाई चिकित्सीय उपकरणको रूपमा मान्यता दिएको हो। नेपालमा यस क्षेत्रमा व्यवस्थित अनुसन्धान अत्यन्त न्यून छ, तर त्रिभुवन विश्वविद्यालयकाठमाडौं विश्वविद्यालयको मनोविज्ञान विभागहरूमा यसलाई एक विषयको रूपमा पढाइन्छ र केही छात्र अनुसन्धान गर्छन्।

प्रयोगहरू

नेपाल र विश्वमा सम्मोहनको प्रयोग निम्न क्षेत्रहरूमा हुन्छ:

  • मानसिक स्वास्थ्य: अवसाद, पोस्ट-ट्राउमाटिक स्ट्रेस डिसअर्डर (पीटीएसडी), फोबिया, तनाव प्रबन्धनमा।
  • चिकित्सा: क्यान्सर र अन्य दीर्घरोगका रोगीहरूको दर्द र चिन्ता कम गर्न, शल्यक्रिया पश्चात् निको हुन सहयोग गर्न।
  • व्यसन मुक्ति: धूम्रपान, मद्यपान, अन्य नशा छुटाउनमा।
  • शैक्षिक उन्नति: एकाग्रता बढाउन, परीक्षाको तनाव कम गर्न, सिक्ने क्षमता विकास गर्न।
  • खेलकुद: खेलाडीहरूको प्रदर्शन, आत्मविश्वास र मानसिक तयारी बढाउन।
  • व्यक्तिगत विकास: आत्म-सम्मान बढाउन, नकारात्मक सोच परिवर्तन गर्न, लक्ष्य निर्धारणमा।

नेपालमा कानूनी स्थिति

नेपालमा सम्मोहनको कानूनी स्थिति स्पष्ट रूपमा परिभाषित छैन। नेपाल मेडिकल काउन्सिल ले सम्मोहनलाई चिकित्सा पेशा भएका (एमबीबीएस, मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक) लाई मात्र प्रयोग गर्न अनुमति दिन्छ। बिना चिकित्सकीय योग्यताको सम्मोहन अभ्यास गर्नु कानूनी रूपमा जोखिमपूर्ण हुन सक्छ र यसलाई छली वा अनैतिक व्यवसायको रूपमा हेरिन सक्छ। नेपाल सरकारको स्वास्थ्य मन्त्रालयले यस सम्बन्धमा विशेष नीति बनाएको छैन। तसर्थ, सम्मोहन चिकित्सा गर्ने व्यक्तिको योग्यता र प्रमाणीकरणको प्रश्न महत्त्वपूर्ण रहन्छ। केही संस्थाहरूले प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम चलाउँदा पनि ती सबै सरकारी मान्यता प्राप्त छैनन्।

सांस्कृतिक दृष्टिकोण

नेपाली समाजमा सम्मोहनप्रति दुईवटा प्रमुख दृष्टिकोण छन्। एकतर्फ, यसलाई अध्यात्म, योग र तन्त्रसँग जोडेर हेरिन्छ र यसको प्राचीन इतिहासमा विश्वास गरिन्छ। अर्कोतर्फ, आधुनिक नेपाली समाजमा, विशेष गरी शहरी क्षेत्रमा, यसलाई एक वैज्ञानिक चिकित्सा विधिको रूपमा स्वीकार्ने प्रवृत्ति बढ्दै गएको छ। तरै पनि, ग्रामीण क्षेत्रहरूमा यसलाई जादु-टोना वा अलौकिक शक्तिसँग गलत ढंगले जोडेर हेर्ने र भ्रम फैलाउने चलन छ। धेरै मानिसहरूले सम्मोहनलाई मानसिक नियन्त्रण गर्ने खतरनाक हतियारको रूपमा पनि हेर्छन्, जसकारण सावधानी र जागरूकताको आवश्यकता रहन्छ। मिडिया (टिभी, रेडियो) मा प्रसारित केही कार्यक्रमहरूले यसप्रति जिज्ञासा बढाएका छन्।

नेपालका उल्लेखनीय व्यवसायीहरू

नेपालमा सम्मोहनको क्षेत्रमा अग्रणी रहेका केही व्यक्तिहरू यसप्रकार छन्:

  • डा. सुरेन्द्र कार्की: नेपाली मनोचिकित्सक हुन् जसले देशमा चिकित्सीय सम्मोहनलाई लोकप्रिय बनाउन महत्त्वपूर्ण भूमिका खेलेका छन्। उनले धेरै कार्यशाला आयोजना गरेका छन्।
  • डा. चेतन प्रधान: एक मनोवैज्ञानिक र हिप्नोथेरेपिस्ट हुन् जसले काठमाडौंमा माइन्ड केयर नेपाल जस्ता संस्थामार्फत सम्मोहन चिकित्सा सेवा प्रदान गर्छन्।
  • हिप्नोटिस्ट राजन श्रेष्ठ: मनोरञ्जनात्मक सम्मोहनका लागि परिचित, उनले टेलिभिजन कार्यक्रमहरूमा प्रदर्शन गरेका छन्।
  • योग गुरु स्वामी विशुद्धानन्द जस्ता आध्यात्मिक गुरुहरूले पनि ध्यान र सम्मोहनजस्तै तरिकाहरू प्रशिक्षणमा समावेश गर्छन्।

यसबाहेक, नेपालमा नेपाल हिप्नोसिस सोसाइटी जस्ता संस्थाहरूले यस क्षेत्रलाई संगठित गर्ने प्रयास गरिरहेका छन्।

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