सम्मोहन
सम्मोहन (Hypnosis) एक ऐसो मानसिक अवस्था आ तकनीक हवे जेकरा में एकाग्रता, केंद्रित ध्यान, आ सुझावशीलता (suggestibility) में बढ़ती देखल जाला। ई एक प्रकार के ट्रांस (trance) जइसन अवस्था हवे, जेकरा में व्यक्ति शांत आ गहिरा रूप से केंद्रित महसूस करे ला आ सुझाव (suggestions) के प्रति खासा संवेदनशील हो जाला। भारत आ बिहार में एकरा के अक्सर मेस्मेरिज्म (mesmerism) या सम्मोहन विद्या के नाँव से भी जानल जाला।
सम्मोहन केरा उपचार (चिकित्सीय सम्मोहन), मनोरंजन (मंच सम्मोहन), आ आत्म-सुधार (सेल्फ-हिप्नोसिस) खातिर इस्तेमाल कइल जाला। ई दिमाग के ओह ताकत के इस्तेमाल करे ला जे हमनी के सोच, आदत, आ यहाँ तक कि शारीरिक संवेदना के भी बदल सके ला।
परिभाषा
सम्मोहन एक ऐसो प्रक्रिया हवे जेकरा में सम्मोहनकार (hypnotist) कवनो व्यक्ति के शांत आ आराम से बैठाके या लिटाके, एकाग्रता आ ध्यान के गहिरा स्तर पर ले जावे ला, जेकरा के सम्मोहन अवस्था (hypnotic trance) कहल जाला। ई अवस्था नींद ना हवे, बल्कि एक तरह के जागृत एकाग्रता हवे। ई अवस्था में, व्यक्ति के आल्फा आ थीटा मस्तिष्क तरंग (brain waves) सक्रिय होखे ला, जे आराम आ रचनात्मकता से जुड़ल बा।
सम्मोहन के मुख्य सिद्धांत हवे सुझावशीलता। सम्मोहन अवस्था में, व्यक्ति तर्क-वितर्क (critical faculty) के सामान्य स्तर कम हो जाला आ ओह व्यक्ति के सम्मोहनकार द्वारा दिहल गइल रचनात्मक सुझाव (जइसे कि दर्द कम होखे, धूम्रपान छूट जाय, आत्मविश्वास बढ़े) के प्रति अधिक खुले मन से स्वीकार करे ला। हालाँकि, सम्मोहन में व्यक्ति के ओह सुझाव ना माने पर मजबूर ना कइल जा सके ला जे ओकर नैतिकता या इच्छा के खिलाफ होखे।
इतिहास
सम्मोहन के इतिहास प्राचीन हवे। दुनिया भर में प्राचीन मिस्र, ग्रीस, आ भारत में भी ट्रांस जइसन अवस्था के उपयोग धार्मिक आ चिकित्सीय रूप से होखे के प्रमाण बा। भारत में, ऋषि-मुनि लोग ध्यान (मेडिटेशन) आ समाधि के गहिरा अवस्था में प्रवेश करे के तरीका जानल रहलें, जे सम्मोहन से मिलत-जुलत बा।
आधुनिक सम्मोहन के शुरुआत 18वीं सदी में फ्रांज एंटन मेस्मर (Franz Anton Mesmer) नामक ऑस्ट्रियाई चिकित्सक से भइल। ऊ "पशु चुंबकत्व" (animal magnetism) के सिद्धांत दिहलें, जेकरा मानल जाय कि शरीर में एक तरल चुंबकीय ऊर्जा बहत रहल आ एकरा के संतुलित करे से रोग ठीक हो सकत बा। एकरा के भारत में मेस्मेरिज्म के नाँव से जानल गइल आ 19वीं सदी के अंत आ 20वीं सदी के शुरुआत में कई भारतीय चिकित्सक एकरा के इस्तेमाल करे लगल।
भारत में, कलकत्ता मेडिकल कॉलेज आ मद्रास मेडिकल कॉलेज में मेस्मेरिज्म पर चर्चा आ प्रयोग भइल। स्वतंत्रता के बाद, डॉ. धर्मेंद्र जइसन मनोचिकित्सक सम्मोहन के भारतीय चिकित्सा पद्धति में एकीकृत करे के कोसिस कइलें। बिहार में, सम्मोहन के ज्ञान पारंपरिक रूप से कुछ योगी आ साधु लोग के बीच मौजूद रहल, हालाँकि एकरा के एक औपचारिक चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता बाद में मिलल।
प्रकार
सम्मोहन के मुख्य रूप से तीन गो प्रकार बाड़ें:
- पारंपरिक/प्रत्यक्ष सम्मोहन (Traditional/Direct Hypnosis): इसमें सम्मोहनकार सीधा आदेशात्मक भाषा (authoritative language) का इस्तेमाल करे ला, जइसे "अब आपके आँख लगी जा रहल बा," या "आप सो रहल बाड़ें।"
- एरिक्सोनियन सम्मोहन (Ericksonian Hypnosis): अमेरिकी मनोचिकित्सक मिल्टन एरिक्सन द्वारा विकसित ई तकनीक अप्रत्यक्ष आ कहानी सुनावे के शैली (metaphors and stories) पर आधारित बा। ई भारत में खासकर मनोचिकित्सा में लोकप्रिय बा।
- सेल्फ-हिप्नोसिस (Self-Hypnosis): इसमें व्यक्ति खुद के सम्मोहन अवस्था में ले जाला। ई तनाव प्रबंधन, परीक्षा के तैयारी, आ आत्मविश्वास बढ़ावे खातिर बहुत प्रचलित बा। कई भारतीय योग आ ध्यान के तकनीक सेल्फ-हिप्नोसिस से मिलत-जुलत बा।
इनहना के अलावा, चिकित्सीय सम्मोहन (Therapeutic Hypnosis) आ मंच सम्मोहन (Stage Hypnosis) दू गो प्रमुख उपयोग बाड़ें। प्रतिगमन सम्मोहन (Regression Hypnosis) चिकित्सीय सम्मोहन के ही एक प्रकार हवे जेकरा में व्यक्ति के अतीत के याद (बचपन या पूर्व जन्म) में ले जाइल जाला ताकि वर्तमान समस्या के मूल कारण पता लगावल जा सके।
वैज्ञानिक अनुसंधान
सम्मोहन के प्रभावशीलता पर दुनिया भर में वैज्ञानिक शोध होखत रहल बा। भारत में भी अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निमहंस), आ भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में सम्मोहन पर शोध भइल बा। शोध से पता चलल बा कि सम्मोहन दिमाग के कार्य करे के तरीका बदल देत बा। न्यूरोइमेजिंग स्टडी से पता चलल बा कि सम्मोहन अवस्था में, दिमाग के ओह हिस्सा सक्रिय हो जाला जे ध्यान आ नियंत्रण से जुड़ल बा, आ ओह हिस्सा कम सक्रिय हो जाला जे बाहरी दुनिया के जानकारी प्रोसेस करे ला।
ई बात साबित भइल बा कि सम्मोहन से दर्द प्रबंधन (Pain Management) में मदद मिल सके ला, खासकर डेंटल प्रक्रिया, प्रसव पीड़ा, आ कैंसर के दर्द में। एकरा के मनोदैहिक रोग (Psychosomatic Disorders) जइसे कि चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम (IBS), एक्जिमा, आ उच्च रक्तचाप के इलाज में भी प्रभावी पावल गइल बा।
अनुप्रयोग
भारत आ बिहार में सम्मोहन के विविध अनुप्रयोग बाड़ें:
- चिकित्सीय क्षेत्र: मनोचिकित्सक, मनोवैज्ञानिक, आ कुछ चिकित्सक सम्मोहन के इस्तेमाल तनाव, चिंता, अवसाद, फोबिया, नशा मुक्ति (धूम्रपान, शराब), वजन नियंत्रण, नींद के समस्या (अनिद्रा), आ आदत में सुधार खातिर करत बा।
- दंत चिकित्सा: कई दंत चिकित्सक बेहोशी के इंजेक्शन से डरल मरीजन के सम्मोहन के मदद से इलाज करत बा।
- शिक्षा: छात्र लोग के एकाग्रता बढ़ावे, परीक्षा के डर कम करे, आ याददाश्त बेहतर बनावे खातिर सेल्फ-हिप्नोसिस सिखावल जाला। पटना, भागलपुर आ गया में कई कोचिंग संस्थान एकरा पर कार्यशाला करावे ला।
- खेल: क्रिकेट, तीरंदाजी जइसन खेल में मानसिक दृढ़ता बढ़ावे खातिर खिलाड़ी लोग के सम्मोहन तकनीक सिखावल जाला।
- मनोरंजन: मंच सम्मोहन भारत के कई शहरन में लोकप्रिय बा, जेकरा में सम्मोहनकार दर्शकन के मंच पर बुलाके मनोरंजक प्रयोग करावे ला। हालाँकि, एकरा पर नैतिक बहस भी होखे ला।
भारत में कानूनी स्थिति
भारत में, सम्मोहन के कानूनी दर्जा एकर उपयोग पर निर्भर करे ला। चिकित्सीय सम्मोहन के अभ्यास करे खातिर, व्यक्ति के एक मान्यता प्राप्त चिकित्सा पेशेवर होखे के जरूरत बा, जइसे कि एमबीबीएस, एमडी (मनोचिकित्सा), या एम.फिल (क्लिनिकल साइकोलॉजी) डिग्री धारक। भारतीय चिकित्सा परिषद (Medical Council of India) आ रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (Rehabilitation Council of India) एकरा के मान्यता देत बा।
हालाँकि, मंच सम्मोहन आ सेल्फ-हिप्नोसिस कोच के लिए अलग से कोई राष्ट्रीय लाइसेंस नियम ना बा। कुछ राज्य अपना-अपना नियम बनावे सकत बा। अगर कोई बिना चिकित्सा योग्यता के सम्मोहन से इलाज करे आ नुकसान पहुँचावे, तब ओकरा पर भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत मुकदमा चल सके ला। प्रतिगमन सम्मोहन खासकर पूर्व जन्म से संबंधित दावा करे वाला लोग पर कानूनी नजर रहल बा, काहें कि एकर दुरुपयोग हो सके ला।
सांस्कृतिक दृष्टिकोण
बिहार आ भारत के समाज में सम्मोहन के प्रति दृष्टिकोण मिलाजुला बा। एक ओर, ई मानल जाला कि ई एक वैज्ञानिक तकनीक हवे जेकरा के असर देखावल जा सके ला। दूसरी ओर, अभी भी कई लोग एकरा के जादू-टोना, टोटका, या अलौकिक शक्ति से जोड़ के देखे ला, काहें कि एकरा के प्रभाव समझ में ना आवे वाला बा।
बिहार के गाँव-देहात में, कभी-कभी पारंपरिक हीलर (ओझा, गुनिया) लोग ट्रांस अवस्था में प्रवेश करे के तरीका इस्तेमाल करत बा, जेकरा के लोग सम्मोहन से जोड़ के देखे ला। शहरी इलाका में, शिक्षित वर्ग एकरा के एक वैकल्पिक चिकित्सा पद्धति के रूप में अपनावत बढ़त बा। धार्मिक नजरिया से, कुछ लोग एकरा के आत्मा पर नियंत्रण के कोसिस माने ला, जबकि दूसर लोग एकरा के योग आ ध्यान के ही एक रूप माने ला।
भारत के उल्लेखनीय व्यवसायी
भारत में सम्मोहन के क्षेत्र में कई प्रमुख हस्ती बाड़ें जिनहन के योगदान बहुत महत्वपूर्ण रहल बा:
- डॉ. एस.जे. रुहेला (Dr. S.J. Ruhela): भारत के प्रमुख सम्मोहन चिकित्सक आ शिक्षक रहलें। ऊ कई किताब लिखलें आ इंडियन सोसाइटी ऑफ क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल हिप्नोसिस के गठन में अगुआई कइलें।
- डॉ. बी.एम. हेगड़े (Dr. B.M